केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय द्वारा 23 जनवरी के दिन जो कि सुभाष चंद्र बोस जयंती के रूप में मनाया जाता है इस दिन को प्रतिवर्ष पराक्रम दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की है, इस वर्ष (2021) नेता जी की 125 वीं जयंती को पहली बार पराक्रम दिवस के रूप में मनाया जायेगा
इस आर्टिकल में👇👇👇-
🔸सुभाषचंद्र बोस के बारे में
🔸भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की अध्यक्षता
🔸नेता जी सुभाषचंद्र बोस के नारे
🔸देशनायक की उपाधि
🔸नेता जी की प्रसिद्ध पुस्तक
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस(INC) की अध्यक्षता:- नेता जी ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (Indian national congress) की दो (हरिपुर 1938 और त्रिपुरी 1939) बार अध्यक्षता की, सन 1939 में कांग्रेस की अध्यक्षता छोड़कर नेता जी ने कांग्रेस के अंदर ही फॉरवर्ड ब्लॉक (Forward block) की स्थापना की।
सुबाषचंद्र बोस द्वारा दिए गए नारे:- जय हिंद , दिल्ली चलो, और तुम मुझे खून दो मैं तुम्हें आज़ादी दूंगा ये कुछ प्रमुख नारे हैं जो नेता जी द्वारा देश को अंग्रेज़ो की गुलामी से आजादी दिलाने के दौरान दिए ।
देशनायक की उपाधि: - नेताजी सुभाषचंद्र बोस को रविंद्रनाथ टैगोर द्वारा देशनायक की उपाधि दी गयी,
पुस्तक(Book): इंडियन स्ट्रगल (Indian struggle) सुभाषचंद्र बोस की प्रसिद्ध पुस्तक है
द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान जर्मनी और जापान की सहायता से भारत को अंग्रेजों से मुक्त करने के लिए उन्होंने आज़ाद हिंद फौज की स्थापना की , जिसमें प्रशिक्षित पुरुष और महिलाएँ शामिल थे सुभाष बोस ने आजाद हिन्द फौज में सर्वोच्च सेनापति के रूप में कार्य किया।
विवादस्पद मृत्यु:- नेता जी सुभाषचंद्र बोस की मृत्यु को लेकर आज भी विवाद है ,जापान में 18 अगस्त को उनका शहीद दिवस धूमधाम से मनाया जाता है, उनकी मृत्यु 18 अगस्त 1945 को ताइवान में हवाई दुर्घटना में हुई मानी जाती है, लेकिन भारत सरकार ने उनकी मृत्यु के दस्तावेज अभी भी सार्वजनिक नहीं किये हैं जिस कारण उनकी मृत्यु पर विवाद बना हुआ है ।।।
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